दिल्ली विधानसभा चुनाव: AAP की बैठक से पहले सियासी हलचल, एग्जिट पोल पर उठे सवाल

Delhi Assembly Elections: Political stir before AAP meeting, questions raised on exit poll

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार को हुए मतदान के बाद अब परिणामों का इंतजार है। शनिवार 8 फरवरी को यह साफ हो जाएगा कि दिल्ली में किसकी सरकार बनेगी। ज्यादातर एग्जिट पोल्स में भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली में दो दशकों बाद वापसी का अनुमान जताया गया है। वहीं, नतीजों से एक दिन पहले सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) में हलचल तेज हो गई है। AAP के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के सभी 70 उम्मीदवारों की एक अहम बैठक बुलाई है।

बैठक को लेकर उठे कई कयास
यह बैठक दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले हो रही है, और इसे लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक भाजपा पर आरोप लगाने के बाद बुलाई गई है, जिसमें आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि दिल्ली चुनाव के नतीजों से पहले बीजेपी पार्टी के 7 विधायकों को तोड़ने के लिए 15-15 करोड़ रुपये की पेशकश कर रही है। इसके अलावा, अरविंद केजरीवाल ने एग्जिट पोल्स पर भी सवाल उठाए हैं।

एग्जिट पोल्स को बताया फर्जी
अरविंद केजरीवाल ने एग्जिट पोल्स को लेकर सोशल मीडिया पर बयान देते हुए कहा कि अगर कुछ एग्जिट पोल्स में किसी पार्टी को 55 से अधिक सीटें मिल रही हैं, तो फिर हमारे उम्मीदवारों को तोड़ने के लिए फोन क्यों किए जा रहे हैं? उन्होंने इसे ‘फर्जी’ सर्वे बताते हुए आरोप लगाया कि ये सर्वे उम्मीदवारों को मानसिक रूप से प्रभावित करने के लिए किए जा रहे हैं।

चुनाव आयोग की सतर्कता
दिल्ली में चुनाव आयोग और प्रशासन मतगणना को लेकर पूरी तरह सतर्क है। ईवीएम को स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा में रखा गया है, जहां तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है। दिल्ली के 19 स्थानों पर कुल स्ट्रांग रूम बनाए गए हैं, जिनमें प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए एक स्ट्रांग रूम शामिल है।

इस बैठक में अरविंद केजरीवाल और ‘आप’ के अन्य नेता चुनाव नतीजों से पहले अपने उम्मीदवारों को एकजुट रखने और भाजपा के कथित ‘ऑपरेशन लोटस’ से निपटने की रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं।

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